इंदौर में गरमाई राजनीति :सिंधिया को काले झंडे दिखाने से पहले ही कांग्रेसी गिरफ्तार, शिवराज को रावण रूपी मुख्यमंत्री बताया…

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर आने के पहले ही सोमवार को  राजनीति गरमा गई। निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूली के विरोध में कांग्रेस ने सुबह विधानसभा -2 में मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस ने विस क्षेत्र के सभी 18 वार्डों में सरकार के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया। कांग्रेसियों ने सरकार से निजी स्कूलों द्वारा बच्चों से फीस वसूली रोकने की मांग की। बिना अनुमति के सरकार के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर अस्थाई जेल ले गई। ऐसा कहा जा रहा है कि इस अभियान के बाद ही कांग्रेसियों ने सिंधिया को काले झंडे दिखाने की योजना बनाई थी।

शहर में फीस माफी को लेकर कांग्रेस फिर से सोमवार को एकजुट हुई और विधानसभा – 2 के चिंटू चौकसे और उनके कार्यकर्ताओं ने हीरा नगर थाना क्षेत्र में एक कैंप लगाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। चिंटू चौकसे का कहना था कि कुंभकरण सरकार और रावण रूपी मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों की फीस में अभी तक कोई रियायत नहीं दी गई है। लंबे समय से कोरोनावायरस के चलते सभी को आजीविका चलाने में दिक्कत हो रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो बच्चों के भविष्य में अंधकार फैल जाएगा और स्कूल की फीस भरने के लिए परिवार के पालक मजबूर हो जाएंगे। पालक को राहत देने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। सरकार जल्द से जल्द से फीस माफ करवाए।कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने कहा कि शहर पांच महीने लॉकडाउन रहा। सरकार निजी स्कूलों से फीस माफ करवाए। इसके अलावा वह निजी स्कूल संचालकों का भी ध्यान रखे। मोदी जी ने 20 हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज दिया। विश्व बैंक से 96 अरब रुपए का लोन ले लिया। इन रुपयों का हम करेंगे क्या, जिनके पास 10 से 12 लाख की गाड़ियां हैं वे आज सब्जी और फल उन गाड़ियों में बचने को मजबूर हैं।चौकसे ने कहा कि इंदौर में हजारों बसें बंद पड़ी हैं। इनके 10 हजार कर्मचारी बेरोजगार हैं। सरकार इनके बारे में भी कुछ नहीं सोच रही है। सरकार उनका दर्द नहीं बांट रही है। हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। यह सब सरकार को हम सौंपेंगे। चौकसे ने कहा कि हम मुख्यमंत्री को जगाते हुए कहेंगे कि दो महीने के और हो, इसमें कुछ अच्छा काम कर लो। ईश्वर ने समय दिया है काम कर लो, बाद में किसी काम के नहीं बचोगे।

बिना अनुमति के प्रदर्शन हो रहा था

पुलिस ने कहा कि कोरोना को लेकर किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस या अन्य आयोजन की अनुमति शासन की ओर से नहीं है। ऐसे आयोजनों को रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है। जो लोग यहां पर आयोजन कर रहे थे, उन्हें पहले समझाइश देते हुए जाने के लिए कहा गया था, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद हमने उन्हें गिरफ्तार कर धरना प्रदर्शन को खत्म किया है। इस अभियान के बहाने कांग्रेसी सिंधिया को काले झंडे दिखाने की तैयारी में थे, इस पर पुलिस का कहना था कि पहले तो यह आयोजन बिना अनुमति के हो रहा था, इसलिए इन्हें यहां से हटाया गया है। यदि काले झंडे दिखाने जैसी कोई बात आती है तो ऐसा कोई आयोजन ना हो इसे लेकर भी सख्ती की जाएगी।

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