शहर के बीच कार साज-सज्जा की दुकानें कर रही यातायात बाधित
विरोध करने पर यातायात कर्मी के साथ झूमा झटकी
विराट24-रीवा शहर के अंदर भीड़भाड़ वाले इलाकों पर कई कार सज्जा की दुकानें खुली हुई है- जिनके द्वारा बीच सड़क पर वाहनों को खड़ा कर वाहनों में साज सज्जा के सामान लगाये जाते है ।इनकी इतनी दादा गिरी चलती है कि आम राहगीरों के साथ-साथ इन दुकान संचालकों के द्वारा अब पुलिसकर्मियों के साथ भी कहासुनी और गाली गलौज किया जा रहा है ।दरअसल मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रसिया मोहल्ले का है ,जहां शिल्पी प्लाजा मोड़ के पास र गुरकीरत कार नाम से दुकान संचालित है ,सकरी जगह और भीड़भाड़ वाली एरिया होने के चलते सड़क के दोनों तरफ दुकान संचालक के द्वारा वाहनों को खड़ा कर एसेसरीज लगाई जाती है, जिसके चलते दिन में कई बार यातायात बाधित होता है। आपको बता दें कि उक्त मार्ग गायत्री मंदिर, कोर्ट, पुलिस उप महानिरीक्षक कार्यालय, गंगा कथा आयुक्त कार्यालय के साथ शिल्पी प्लाजा के पीछे संचालित सैकड़ों कार्यालयों में आने जाने वालों की भीड़ रहती है,रसिया मुहल्ले के इस मार्ग से लेकर शिल्पी प्लाजा गायत्री मंदिर तरफ जाने वाले लोगों के लिए उक्त दुकान के साथ अन्य दुकानदारों द्वारा सड़को में वाहनों को खड़ा किया जाता है जो यातायात पुलिस के लिए परेशानी का सबब बने रहते है ।मामला गत दिवस का है जब जाम से परेशान लोगो ने यातायात थाने में पदस्थ स्पेक्टर प्रमोद पांडेय को जानकारी दी तो वह मौके पर पहुंचे और दुकान संचालक को समझाइश दी । लेकिन दुकान संचालक अपनी गलती मानने की बजाय पुलिस अधिकारी से ही गाली गुप्ता करते हुए सब इंस्पेक्टर को ही जान से मारने की धमकी दे डाली। दुकान संचालक कीरत कार के मालिक बलजीत सिंह उर्फ मांगू और उसके दो अन्य साथी पहुंचे और सब इंस्पेक्टर के ऊपर बरस पड़े और धमकी दे डाली। घटना की जानकारी यातायात अधिकारी के द्वारा विभाग को दी गई जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने समझाइश दी और सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर दुकान संचालक बलजीत सिंह उर्फ मांगू, कुणाल आहुजा और एक अन्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने , अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि कोर्ट के पीछे गायत्री मंदिर रोड, जयस्तंभ चौक, सुभाष चौक ,खन्ना चौक,जिला पंचायत रॉड में कई ऐसी दुकानें हैं जो जगह न होने के बावजूद पूरे सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है, नगर निगम और यातायात पुलिस को चाहिए कि ऐसे दुकान संचालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें जिससे शहर की यातायात व्यवस्था शुगम बनी रहे और दुकान संचालक आमजन के साथ-साथ अधिकारियों के साथ भी बदसलूकी ना कर सके

