निजी नर्सिंग होम बने लूट खसोट का अड्डा हालत बिगड़ने पर संजय गांधी अस्पताल किया जाता है रेफर

लापता मासूमो के नदी में मिले शव
डूबते साथी को बचाने के चक्कर में दूसरे ने गंवाई जान

विराट24न्यूज़ ,रीवा। गुढ़ थाना क्षेत्र क्षेत्र के डेडवा नदी में डूबे दो मासूमों के शव सुबह करीब 7:30 बजे बरामद हो गए। पुलिस ने शवो का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। गौरतलब है कि शुक्रवार की शाम 3:30 बजे घर से घूमने निकले दो किशोर लापता हो गए थे, जिनकी साईकिल नदी के किनारे और कुछ दूर पर चप्पल मिली थी ,नदी में डूबने की संका के चलते पुलिस के द्वारा रेस्क्यू चलाया जा रहा था, रविवार की सुबह 7:00 बजे एक किशोर का घटनास्थल से कुछ ही दूर शव दिखाई दिया जिसे निकालने के बाद गोताखोरों की टीम में घटनास्थल से ही दूसरे किशोर का शव बरामद कर लिया। बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के बंसल बस्ती निवासी आदित्य बंसल पिता शंकर बंसल उम्र 14 वर्ष और सोहिल बंसल पिता बंटा बंसल उम्र 12 वर्ष शुक्रवार की शाम करीब 3:00 बजे घर से निकले थे ,जिनकी साइकल डेडवा नदी के किनारे खड़ी मिली थी । शनिवार की सुबह आदित्य बंसल का शव करीब 7:00 बजे तैरता दिखाई दिया जिसकी जानकारी आसपास के लोगों ने पुलिस को दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर लिया और दूसरे कि तलाश की तो उसी स्थान पर उसका शव भी बरामद हो गया।बताया जाता है कि एक किशोर की चप्पल नहीं मिली है और उसके नीचे के कपड़े उतरे हुए थे ,जबकि उसके साथी ने पूरे कपड़े पहने थे और उसकी चप्पल नदी के किनारे उतरी मिली थी। जिसके चलते शंका व्यक्त की जा रहे हैं कि किशोर सौच के लिए नदी के किनारे पहुंचा और अचानक गहरे पानी में चला गया जिसे बचाने के लिए दूसरे साथी में नदी के किनारे चप्पल उतार कर पानी में छलांग लगा दी और दोनों गहरे पानी में समा गए। पुलिस ने 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद कर लिया। एक ही मोहल्ले के दो किशोरों की मौत से गुना क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई प्रशासन के द्वारा दोनों परिवारों को चार-चार लाख की आर्थिक मदद और अंतिम संस्कार के लिए नगद राशि उपलब्ध कराई गई है।

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सूने आबास का ताला तोड़कर हजारों रुपए कीमती सोने चांदी के जेवर चोरी

विराट24न्यूज़, रीवा ।परिवार के बीमार व्यक्ति को संजय गांधी अस्पताल में उपचार कराने आया युवक देर रात्रि घर पहुंचा और घर से दूर बगीचे में सो गया । सुबह जब घर पहुंचा तो घर का ताला टूटा देख उसके होश उड़ गए । अंदर जाकर देखा तो घर में रखे सोने चांदी के जेवर और नगदी चोरी हो चुका था । घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर लिया है। घटना मऊगंज थाना क्षेत्र के दामोदरगढ़ की बताई जाती है। मिली जानकारी के अनुसार रमेश पटेल पिता लोलर पटेल उम्र 40 वर्ष परिवार के लोगों को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था, जिसके सूने आवास को पाकर बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया ।बताया जाता है कि बदमाशों ने लगभग एक लाख रु कीमती सोने चांदी के जेवर और नगदी चोरी कर ले गए। एक तरफ परिवार का सदस्य जीवन मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहा है दूसरी तरफ चोरों ने घर में रखा सोना चांदी और नकदी पार कर दिया, जिससे दोहरी मार पीड़ित पर पड़ी है।

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बगीचे में फांसी का फंदा लगाकर युवक ने की आत्महत्या

विराट24न्यूज़, रीवा । रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र अंतर्गत जोगनीहाई में उस समय हड़कंप मच गया जब घर से दूर बगीचे में युवक का शव फांसी के फंदे पर लटकता दिखा, घटना की जानकारी परिवार के लोगों को हुई तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्यवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जानकारी के अनुसार सूरज केवट निवासी जोगनीहाई जिले से बाहर रहकर किसी निजी कंपनी में काम करता था ,विगत दिनों अपने ग्रह ग्राम आया था और गांव के पास ही बगीचे में काम करता था। जहां शनिवार की शाम फांसी का फंदा लगा लिया। बताया जाता है कि युवक नशे का शौकीन था और घर से दूर बगिया में शराब पार्टी भी की गई थी ,फिलहाल मौके पर पहुंचे रायपुर कर्चुलियान थाना प्रभारी मृगेंद्र सिंह ने पंचनामा कार्यवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस युवक के द्वारा उठाए गए कदमों की जांच कर रही हैं।

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निजी नर्सिंग होम में किशोर की मौत परिजनों ने लगाया चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप।

विराट24न्यूज़ ,रीवा । संजय गांधी अस्पताल के चिकित्सकों के लिए इन दिनों निजी अस्पताल लूट खसोट का अड्डा बन चुके हैं। छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारी में भी चिकित्सकों के द्वारा निजी नर्सिंग होम में भर्ती किया जाता है और जब तक पैसे निकलते है तो लूटा जाता हैं जब तक उपचार होता है जब तक मरीज मौत के कगार तक नहीं पहुंच जाता। अंतिम समय में वही चिकित्सक संजय गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दे देते हैं ।और लास्ट में मरीज की मौत हो जाती है ,ऐसी घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं ।ऐसे चिकित्सकों के खिलाफ ना तो विभाग कोई कठोर कदम उठाता और ना ही प्रशासनिक अधिकारी। ताजी घटना खुटेही स्थित रेनबो हॉस्पिटल का है ,जहां बुखार से पीड़ित किशोर को उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, जिसका उपचार बाल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नरेश बजाज कर रहे थे ,बताया जाता है कि पीड़ित चार दिन पहले डॉ बजाज के नर्सिंग होम में दिखाने पहुंचा जिसके द्वारा रेनबो अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा था । मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित किशोर की शनिवार को मौत हो गई ।मौत की जानकारी लगते ही परिजनों ने हंगामा कर दिया और मामला थाना पहुंचा ,लेकिन समझाइस के बाद मामला शांत हो गया ।किशोर के पिता की माने तो दीपक कोल पिता दिलीप कोल उम्र 6 वर्ष बुखार से पीड़ित था। परिवार के लोगों के द्वारा डॉ नरेश बजाज को दिखाया गया तो नरेश बाजार में रेनबो अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी ,शानिवार को सुबह तक किशोर बिल्कुल स्वस्थ हो गया था जिशके डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही थी, इसी दौरान परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों के द्वारा एक इंजेक्शन लगाया गया जिसके बाद उसके शरीर में अकड़न होने लगी ।हालत गंभीर होते देख अस्पताल के चिकित्सकों ने संजय गांधी अस्पताल ले जाने की बात कही। अचानक चिकित्सक द्वारा संजय गांधी अस्पताल ले जाने की बात सुनते ही परिजन परेशान हो गए और भागते हुए डॉ नरेश बजाज के क्लीनिक पहुंचे। बच्चे को देखते ही डॉ बजाज ने भी संजय गांधी अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी। परिजन जब तक संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक किशोर की मौत हो गई ।परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को गलत इंजेक्शन लगाया गया था उसी से उसकी मौत हुई है। हालांकि जब पुलिस के द्वारा पोस्टमार्टम करवाने की बात कही गई तो परिजन तैयार नहीं हुए ।मृतक के पिता ने बताया कि अस्पताल प्रबन्धन के द्वारा उससे 20,000 की मांग की जा रही थी इतना ही नहीं डिस्चार्ज पेपर नही दिए जा रहे थे,जिससे समय पर संजगान्धी अस्पताल भी नही पहुच पाया और मौत के बाद भी उसके डिस्चार्ज कागज देने के लिए अस्पताल प्रबंधन तैयार नहीं था । घटना की जानकारी मीडिया को हुई तब अस्पताल प्रबंधन ने किशोर के डिस्चार्ज कागज दिया। पूरे मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि किशोर मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित था फेफड़े लीवर और ब्रेन में असर हुआ था अचानक दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। हंगामे की जानकारी लगते ही अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल मौके पर पहुंचे और परिजनों को पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी लेकिन परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए ।आपको बता दें कि आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं । निजी नर्सिंग होम के संचालकों के द्वारा सुबिधाये ना होने के बाद ही मरीजों को भर्ती कर मोटी रकम ली जाती है और अंत में जब हालत बिगड़ती है तो संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।

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