घर में सो रहे वृद्ध के ऊपर टांगी से हमला गंभीर हालत में जबलपुर किया गया रेफर जमीनी विवाद के चलते हत्या का प्रयास।

घर में सो रहे वृद्ध के ऊपर टांगी से हमला
गंभीर हालत में जबलपुर किया गया रेफर
जमीनी विवाद के चलते हत्या का प्रयास।

virat24, रीवा। मऊगंज थाना क्षेत्र के पन्नी गांव में उस समय एक घर में कोहराम मच गया जब निर्माणाधीन घर में सो रहे वृद्ध की चीख-पुकार सुनकर घर के सदस्य बाहर पहुंचे तो उसे लहूलुहान हालत में देखा। घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी तो आनन-फानन में पुलिस पहुंची और घायल को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर होने पर संजय गांधी अस्पताल के लिए रेफर किया गया, सिर में धारदार औजार से हुए हमले के चलते संजय गांधी अस्पताल से चिकित्सकों ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार बालमुकुंद द्विवेदी पिता रामसहाय द्विवेदी उम्र 75 वर्ष निवासी बरहा थाना नईगढ़ी हाल निवास पन्नी थाना मऊगंज के ऊपर हमला हुआ है। बताया जाता है कि बालमुकुंद अपने ससुराल में थाका पाया है, जहां वर्तमान में रह रहा था और घर बनवा रहा है। बहू और बेटे साथ मे रहते है जो कमरे के अंदर सो रहे थे, जबकि निर्माणाधीन घर में वृद्ध सो रहा था जहां दरवाजा नहीं लगा था, रात करीब 11:45 बजे चीखने की आवाज सुनकर बहू बाहर निकली तो वृद्ध को लहूलुहान हालत में देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस अस्पताल पहुंचाया है। बताया जाता है कि वृद्ध के सिर में टांगी से दो हमले किए गए जिसके चलते काफी रक्तस्राव हो चुका है, घायल के पुत्र अंकित द्विवेदी ने बताया कि उनकी मौसी के साथ जमीनी विवाद चल रहा है, उसे शंका है कि उसी विवाद के चलते उसके पिता की हत्या का प्रयास किया गया है। फिलहाल मऊगंज पुलिस वृद्ध के बहू की शिकायत पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।
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नियम कायदों को ताक में रखकर सुरक्षा एजेंसियां पहना रही वर्दी
बिना लाइसेंस संचालित एजेंसियों के खिलाफ हो सकते है अपराधिक मामले दर्ज।
नियम का पालन ना करने वाले संचालक और सेवा लेने वालों के खिलाफ भी होगी कार्यवाई
virat24, रीवा । जिले में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटलों, माल कॉलेज ,स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए है।जो पुलिस, अर्धसैनिक बल होमगार्ड, सेना के सदृश्य वर्दी पहन कर अपराधिक कृत्य कर रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने ऐसे एजेंसी संचालकों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसी अभिकरण अधिनियम 2005 के तहत आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया है । गौरतलब है कि यदि किसी सुरक्षा एजेंसी द्वारा पुलिस अर्धसैनिक बल होमगार्ड या सेना की वर्दी से मिलते जुलते ड्रेस का उपयोग किया जाता है तो निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे ,अक्सर देखने में आता है कि सुरक्षा एजेंसी संचालकों के द्वारा बिना लाइसेंस लिए ही सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए जाते हैं, वही लाइसेंस प्राप्त सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भी किसी को भी वर्दी पहना कर गार्ड के रूप में तैनात किया जा रहा है, जो लाइसेंस की शर्तों के विपरीत है। निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से तैनात होने वाले प्रत्येक सुरक्षा गार्ड का पुलिस सत्यापन कराया जाना चाहिए यदि उक्त निर्देश का पालन किसी एजेंसी द्वारा नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्ध धारा 20 निजी सुरक्षा एजेंसी विनियमन अधिनियम 2005 के तहत कार्यवाही की जाएगी और लाइसेंस रद्द किया जाएगा। पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यापारिक प्रतिष्ठानों, निर्माण स्थलों, होटल, माल कॉलेज ,स्कूल के संचालकों को भी हिदायत दी गई है कि निजी सुरक्षा एजेंसी अधिकार अधिनियम अधिनियम 2005 के तहत लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड को ही अपने प्रतिष्ठानों में तैनात करें। यदि वर्तमान में बिना लाइसेंस प्राप्त सुरक्षा एजेंसी के अथवा निजी तौर पर तैनात है तो 15 दिवस की समय सीमा के अंदर उनको हटा दें, अन्यथा प्रदान करने वाले व्यक्ति एजेंसी गार्ड की सेवा प्राप्त करने वाले विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों होटल माल कॉलेज स्कूलों के संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी ।आपको बता दें कि सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा तैनात सुरक्षा गार्डों के ना तो कोई मापदंड निर्धारित होते हैं नाही इनकी नियुक्ति के समय सुरक्षा गार्ड का पुलिस सत्यापन कराया जाता है, जिसके चलते कई बार आपराधिक सुरक्षाकर्मी बनकर किसी भी अपराध को अंजाम दे सकता है।
वायरलेस सेट नहीं कर सकते उपयोग
बताया जाता है कि लाइसेंस प्राप्त एजेंसी और भी वायरलेस जड़ का उपयोग नहीं कर सकती जबकि अक्सर देखने को मिलता है कि निजी सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा कर्मचारियों को वायरलेस सेट उपलब्ध कराया जाता है ,जो नियमन गलत है। ऐसे लोगों के खिलाफ जांच कराकर पुलिस अब कार्यवाही करने के मूड में है।
समदड़िया बिल्डर के खिलाफ दर्ज हो चुका है मामला
आपको यह भी बताते चलें कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आबिद खान के द्वारा समदरिया बिल्डर के नवीन बस स्टैंड में संचालित प्रतिश्ठान में तैनात सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह के द्वारा दिए गए निर्देश के बाद कुकुरमुत्ता की तरह फैली सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्यवाही की जाती है।

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