लाईसेंसी बंदूक की नोक पर पत्नी और बहू को एसडीओ ने बनाया बंधक मुक्त करने पहुंचे शमधी को मारी गोली आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने बंधकों को कराया मुक्त आरोपी को लिया हिरासत में
virat24,रीवा। लाईसेंसी बंदूक लेकर पत्नी और बहू को बंधक बनाकर समधी को जान से मारने की नियत से गोली चलाने वाले एसडीओ से आठ घण्टे की जद्दोजहद के बाद परिजनों को सकुशल मुक्त कराया गया , जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचायामिली जानकारी के अनुसार पुलिस कन्ट्रोल रूम से डायल 100 के माध्यम से करीबन 7.30 बजे सुबह सूचना प्राप्त हुई कि सुरेश मिश्रा नि. मानसनगर रीवा थाना समान के द्वारा अपने बहू प्रियंका मिश्रा अजीत मिश्रा एवं पत्नी को रात दो बजे से अपने घर में कमरे के अन्दर लाईसेंसी बंदूक लेकर बंधक बनाया हुआ है, इस सूचना पर मौके पर डायल 100 का स्टाफ पहुँचा और सुरेश मिश्रा जो पेशे से आरईएस में एसडीओ हैं तथा वर्तमान में डिन्डोरी जिले में मनरेगा का कार्य देख रहें हैं, उनके द्वारा अपने घर का दरवाजा नहीं खोला गया। कई बार प्रयास किये गये उसके पश्चात् भी दरवाजा नहीं खोला । घटना की जानकारी बहु ने अपने पिता श्रीनिवास तिवारी को दिया जिशके पश्चात् सुरेश मिश्रा के परिजन उनके भाई एवं समधी मौके पर पहुचे जिनके द्वारा भी पुलिस की उपस्थिति में समझाईस दी गई,किन्तु एसडीओ नहीं माना और गाली गलौज करते हुए बन्दूक से मारने की बात कहता रहा । एसडीओ सुरेस मिश्रा का भाई विष्णु मिश्रा एवं समधी श्रीनिवास तिवारी तथा बहू प्रियंका का भाई रवि तिवारी एवं पुलिस स्टाफ प्रआर विनोद तिवारी, आर रामदरश पटेल, आर, मकरध्वज द्विवेदी, आर. दामोदर कोल एवं आर श्रीकान्त तिवारी एवं डायल 100 चालक संजू खान मौके पर बंधकों को मुक्त कराने के लिए दरवाजे को धक्का देकर जैसे ही अन्दर हुए तो सुरेश मिश्रा ने लाईसेंसी बंदूक से समधी को जान से मारने की नियत से गोली चला दिया। जिससे उनके बांयी जांघ में गोली लगी । पुलिस आरोपी को पकड़ पाती इसके पहले ही पुनः दरवाजा बंद कर लिया । घायल श्रीनिवास तिवारी को तत्काल ईलाज हेतु अस्पताल पहुचाया गया । घटना की जानकारी लगते हैं सीएसपी एस.एन. प्रसाद, सी.एस.पी.-2 प्रतिभा शर्मा, थाना प्रभारी समान निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, उपनिरी. जगदीश ठाकुर थाना प्रभारी बिछिया अपने स्टाफ के साथ पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया, सभी ने मिलकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन एसडीओ ने लगातार फायरिंग करता रहा जिसके बाद कार्यपालिक दण्डाधिकारी यतीश शुक्ला को बुलाया गया, घटना स्थल सुरेश मिश्रा के मकान के आस-पास से लोगों को हटाया गया तथा एनाउन्स कर सुरेश मिश्रा को समझाईस दी गई किन्तु वह नहीं माना और रूक- रूक कर लगातार 10फायर घर के अन्दर किया । स्थिति गम्भीर होता देख पुलिस लाईन से बुलेट प्रूफ जैकेट एवं हेलमेट मंगाया गया तथा अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया । जिशके बाद उप निरी. जगदीश सिंह ठाकुर, प्रआर. विनोद तिवारी एवं आर.859 रामदरश पटेल तुलसी के रास्ते से बंदर को से और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन यह जो कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया और महिलाओं के रोने की आवाज शुरू हो गई जिसे देखते हुए घर का दरवाजा तोड़कर अन्दर प्रवेश किया एवं लाईसेंसी बन्दूक 315 बोर की एवं सुरेश मिश्रा को पुलिस द्वारा कब्जे में लिया गया। तथा बंधक बनाये गये बहू एवं पत्नी को सकुशल मुक्त कराया गया ,2बजे रात से बना रखा था बंधक
दोनों बंधकों के द्वारा बताया गया कि रात दो बजे से सुरेश मिश्रा बिना किसी कारण के लाईसेंसी बंदूक लेकर बंधक बना लिया और किसी की बात नहीं मान रहे थे । मौके से जाँच पर लाईसेंसी बंदूक से फायर सुदा 10 नग खोखे बरामद हुए है जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। एसडीओ की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे तत्काल अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया। आरोपी के पुत्र अजीत मिश्रा एवं पुत्रियाँ 1 दिन पूर्व ही भोपाल के लिए रवाना हुए हैं, जिन्हें घटना की सूचना दी गई तो भोपाल से वापस आ रहे हैं ।
तहसीलदार ने सरेंडर करने का किया ऐलान तो गोली से दिया जवाब
घटना की जानकारी लगते ही आसपास के लोग दहशत में आ गए । पुलिस ने अलाउंस कर सभी को घर के अंदर जाने की सलाह दी, मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला ने अनाउंस कर सुरेश कुमार मिश्रा से बात करने का प्रयास किया और कहा कि वह बंधकों को मुक्त कर दरवाजा खोल दें,उनसे बात करने के लिए प्रशासन तैयार है। उन्हें उपचार की आवश्यकता है तो अस्पताल पहुंचाया जाएगा। अनाउंस सुनते ही सुरेश मिश्रा ने पुनः दोपहर 12,44 में फायर कर दिया, जिसे सुनते ही एक बार फिर आसपास सनाका खिंच गया और पुलिस प्रशासन पीछे हट गया, एक मिनट बाद ही 12,45 पर पुनः फायर किया जिसे देखते हुए प्रशासन के हाथ पांव फूले और पूरा अमला आसपास के घरो में हाथ पर हाथ रख बैठ गया।
1,10 पर किया आखरी फायर
लगातार घर के अंदर से फायर होते रहे और पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा रहा, लगभग 2:00 बजे पड़ोसियों के द्वारा बताया गया कि पूजा करने की आवाज सुनाई दे रही है जिसकी जानकारी पड़ोसियों ने पुलिस प्रशासन को दी तो प्रशासन ने घर के अंदर मौजूद बहु प्रियंका मिश्रा से बात किया तो उसने बताया कि पूजा करने के बाद आत्महत्या करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे देखते हुए बिछिया थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर और समान थाने में पदस्थ आरक्षक राम दरस पटेल को अंदर पहुंचकर बचाने का निर्देश दिया गया, और दोनों पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर अचेत अवस्था में बैठे एसडीओ को पकड़ कर 315 बोर की लाइसेंसी बंदूक जब्त किया और दोनों महिलाओं को बाहर निकाल कर एसडीओ को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
दस करोड़ से अधिक घोटाले की चल रही है जांच लोकायुक्त कर चुका है ट्रेप
बताया जाता है कि एसडीओ सुरेश मिश्रा डिंडोरी जिले में आरईएस में पदस्थ है ,जहां 10 करोड़ से अधिक रुपए का घोटाला किया है, जिसकी जांच चल रही है और पिछले 6 माह पहले ही निलंबित कर दिया गया है, तब से विछिप्त हालत में रह रहे थे और लगातार पत्नी बहु बेटे के साथ विबाद कर रहा थे। बताया जाता है कि विवादित एसडीओ सतना जिले के अमरपाटन में रिश्वत लेते पकड़े गए थे और बहाल होने के बाद डिंडोरी जिले में पदस्थ किया गया था ,जहां घोटाला करने के बाद निलंबित किए गए और कार्यवाही की दर्बसे विचलित थे।
गड़ा धन पाने और भाइयो के बीच विवाद की भी है चर्चा
बताया जाता है कि एसडीओ अपने परिवार में नौ भाई और एक बहन है, जिसमें दो भाइयों की मौत हो चुकी है ,तीसरे नवंबर का भाई शुसिल मिश्रा विधानसभा ,लोकसभा और जनपद स्तर के कई चुनाव लड़ चुका है, दो भाइयों की मौत हो चुकी है ,जबकि 7 वर्तमान में है। आरोपी मनगवां थाना क्षेत्र के नयागांव कोठार के रहने वाले है। बताया जाता है कि उनके पिता रामजी मिश्रा नायब तहसीलदार थे और बांकुइया सर्किल में तैनाती के दौरान वह भी रिस्वत लेते ट्रेप हो चुके है।जिनके द्वारा समान थाना क्षेत्र के समान बांध स्थित जमीन खरीदी गई थी जहां गडा धन मिला था, उसे तीन भाइयों ने हड़प लिया था। धन मिलने के बाद से ही एक भाई साधु का भेष धारण कर लिया और एसडीओ पूजा पाठ करने लगा था और विचलित रहता था। बताया जाता है कि भाइयों के बीच भी उसी धन को को लेकर मनमुटाव चल रहा था ।
शमधी की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या के प्रयास का मामला
आरोपी एसडीओ सुरेश कुमार मिश्रा पिता रामाश्रय मिश्रा उम्र 56 वर्ष नि. नेहरूनगर (मानसनगर) थाना समान के विरूद्ध फरि0 श्रीनिवास तिवारी पिता स्व. रामसुन्दर तिवारी उम्र 68 वर्ष नि. अनन्तपुर थाना वि.वि. रीवा की रिपोर्ट पर धारा- 307,342 ता.हि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है ।
परिष्कृत होगी पुलिस टीम
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपनी जान को जोखिम में डालकर बंधकों को बंदूकधारी के बंधन से सकुशल मुक्त कराने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को नगद ईनाम से पुरष्कृत करने की घोषणा की गई है । उक्त कार्यवाही में सी.एस.पी. एस.एन. प्रसाद, सी.एस.पी.-2 प्रतिभा शर्मा, थाना प्रभारी समान निरी. सुनील कुमार गुप्ता, उपनिरी. जगदीश सिंह ठाकुर थाना प्रभारी बिछिया, उपनिरी. शाहना खान, उपनिरी. आर.के. उपाध्याय, सउनि. मुन्नालाल रावत एवं प्रआर.480 विनोद तिवारी, आर.859 रामदरश पटेल, आर.76 मकरध्वज द्विवेदी, आर.807 दामोदर कोल, आर.1012 वेद प्रकाश मिश्रा, आर.1093 मुकेश कुमार, आर.146 धर्मेन्द्र विश्वकर्मा एवं आर.972 श्रीकान्त तिवारी एवं डायल 100 चालक संजू खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
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