मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के अंतर्गत शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय मऊगंज जिला रीवा (मध्य प्रदेश) में भूगोल एवं वनस्पति विज्ञान के संयुक्त तत्वावधान में “भारत में जैव विविधता की गतिशीलता एवं उसका संरक्षण: चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि रीवा संभाग उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ.पंकज श्रीवास्तव एवं मुख्य वक्ता डॉ. काशिफ इमदाद छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर (उत्तरप्रदेश), विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी अध्यक्ष महेश चंद्र राल्ही,नगर परिषद अध्यक्ष बृजवासी पटेल रहे।कार्यक्रम शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं सभी अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत कर प्रारंभ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार राय महाविद्यालय में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रकाश चंद्र पटेल, सचिव डॉ. अनवर खान कार्यक्रम की रूपरेखा को बताया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रीवा संभाग अतिरिक्त संचालक डॉ.पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि — आज हमको जीव जंतुओं की रक्षा करना बहुत जरूरी है क्योंकि दिन प्रतिदिन जीवो को विलुप्त होते देखा जा रहा है।
इस कार्यक्रम के मुख्यवक्ता डॉ. काशिफ इमदाद ने कहा.. भारत में प्राचीन काल से जैव – विविधता रहा है। यहां जीवो एवं वनस्पतियों का गहरा संबंध रहा जिसके कारण आज भी जीवो की सूक्ष्म प्रजातियां पाई जाती है। आज हमें जैव विविधता को संरक्षित एवं संवर्धन करना जरूरी है। आज के अंतिम सत्र डाॅ. विनोद चौधरी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय अयोध्या ने कंजर्वेशन ऑफ वॉटर पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, शोधार्थी एवं अनेक छात्र/ छात्राएं इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में उपस्थित रहे।