गुरु नानक देव का 553 वा प्रकाश पर्व संपन्न
सिख समाज अपने प्रथम गुरु नानक देव जी का 553 वा प्रकाश पर्व मना रहा है , नानक देव ने भारत के चारों ओर यात्राएं की थी, जिन्होंने मध्यप्रदेश आकर भी कई शहरों में अपनी वाणी का प्रकाश फैलाया था ,वह नासिक से बुरहानपुर आए और यहां से ओम्कारेश्वर होते हुए इंदौर गए वे जबलपुर में ग्वारीघाट पहुंचे थे। उनके बताए हर शब्द आज ग्रंथ बनकर जीने की राह दिखा रहे हैं। गुरु नानक देव का 553 प्रकाश पर्व रीवा में भी धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेष संगत कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए गए नानक देव की जयंती को गुरु पर्व व प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है

