ओवरलोड यात्री बस गिरी नहर में आधा सैकड़ा यात्रियों की हुई मौतएक दर्जन यात्रियों को स्थानीय युवकों ने बचाया ओवरलोड ,तेज गति ,ओवरटेक और खराब सड़क के चलते हुई ह्रदय विदारक घटना प्रदेश के दो मंत्री पहुंचे घटनास्थल ,रीवा । संभाग में एक बार फिर हृदय विदारक घटना घटित हुई है, जिसमें पानी में बस की जल समाधि होने से आधा सैकड़ा लोगों की जानें चली गई। हर घटना की तरह यह घटना भी तेज गति, ओवरटेक, खराब सड़क दुर्घटना का कारण बनी है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने हर घटना के बाद जिस तरह से घड़ियाली आंसू बहाते हैं और जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई का आश्वासन देते हैं इस घटना में भी वही दोहराया गया और आर्थिक मदद की घोषणा कर अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लिया। घटना सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना के पिपरौव चौकी अंतर्गत पटना गांव की है। जहां मंगलवार की सुबह करीब 7,30 बजे परिहार ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 19 की 1882 ट्रक को ओवरटेक करने के चक्कर में अनियंत्रित हुई और ओवरलोड यात्रियों से भरी सीधे नहर में चली गई। देखते ही देखते आधा सैकड़ा जिंदगी पानी में डूबती नजर आई। घटना इतने कम समय में हुई कि जब तक यात्रियों को कुछ समझ में आता तक तक बस में पानी भर चुका था, जिसके चलते सिर्फ एक दर्जन यात्री ही किस्मत से बाहर निकल सके और उन्हें स्थानीय लोगों ने बचा लिया। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी तो करीब आधे घंटे बाद पिपरांव चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बस पानी में समा चुकी थी। आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से क्रेन बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला गया, जिसमें से लगभग 34 शव बरामद हुए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए रामपुर पहुंचाया गया है। घटना की जानकारी लगते ही जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई, घटना की जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हुई तो अपने मंत्रिमंडल के दो मंत्री तुलसी सिलावट और रामखेलावन पटेल को भोपाल से घटनास्थल के लिए भेजा, मंत्री द्वय ने पूरी घटना का जायजा लिया ,और अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दिया। स्थानीय लोगों ने एक दर्जन यात्रियों की बचाई जान घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय युवको ने बस को नहर में गिरते देख दौड़ लगा दिया, लेकिन उनकी आंखों के सामने कुछ ही क्षण में बस गहरे पानी में समा गई, और एक दर्जन यात्री पानी में डूबते हुए बाहर निकले, जिन्हें स्थानीय लोगों ने नहर में कूदकर बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। डूब रहे यात्रियों को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले युवकों में लक्ष्य लोनिया, रामनिवास , रामपाल लोनिया, सुरेंद्र, धर्मपाल, विमलेश ,संदीप और एक युवती थी। जिन्हें मौके पर पहुंचे मंत्री द्वय ने प्रशंसा करते हुए सम्मानित करने की बात कही है।
1 घंटे बाद पहुंचा वरिष्ठ अधिकारियों का अमला घटना के 1 घंटे बाद जिला और संभागीय अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, रीवा कमिश्नर राजेश जैन, पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अनिल सिंह कुशवाह, रीवा एसपी राकेश कुमार सिंह, बीएसपी यातायात मनोज वर्मा, सतना कलेक्टर के साथ सीधी जिले की सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे बचाव दल को दिशा निर्देश दिया। 2 घंटे बाद मिले सात शव घटना के 2 घंटे बाद शवो के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा ,जीवित बचे लोगों के बाद स्थानीय लोगों और आपदा प्रबंधन टीम के द्वारा वह रहे सात शवों को बाहर निकाला गया और सीधी जिले के रामपुर में केंद्र पहुंचाया गया। बस के निकलते ही लगा लाशों का ढेर बाणसागर की नहर में काफी पानी था, जिसके चलते बस तक गोताखोर नहीं पहुंच पा रहै थे । घटना के बाद बाणसागर का पानी बंद कराया गया जिसके बाद गोताखोरों ने नहर में क्रेन का हुक बस में फसाया जिसके बाद बस को पानी से बाहर निकाला गया क्रेन जैसे ही बाहर निकली तो लाशों का ढेर लग गया, जिन्हें बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। बस के निकलते ही भावुक हुआ माहौल घटना के 5 घंटे बाद जैसे ही क्रेन ने बस को ऊपर लाया तो बस के चारों तरफ से शव ही शव दिखाई दिए। जिसके बाद एकत्र हजारो की भीड़ भबुक हो गई और त्यौहार का माहौल गमगीन हो गया ,किसी शव के कंधे पर बैग तो किसी के हाथ में सामान फंसे मिले, कई शव तो सामान रखने की जाली में फंसे थे, जिन्हें निकालकर बचाव दल ने अस्पताल पहुंचाया। 6 घंटे बाद नहर से निकाली गई बस शव के बाहर निकालने के बाद दो ट्रेनों की मदद से बस को नहर से बाहर निकाला गया ,कड़ी मशक्कत के बाद बस नहर से बाहर निकाली गई जिसके बाद आधा दर्जन शव और मिले जो घटनास्थल से दूर स्थानीय लोगों ने देखकर पुलिस को सूचना दिया था जिसके बाद बचाव टीम ने बाहर निकाला, जिससे मैं को की संख्या 48 हो गई है। मृतकों में ज्यादातर युवा बताया जाता है कि सीधी से सतना जाने वाली परिहार ट्रेवल्स की बस में ज्यादातर युवक और युवतियां सवार थे। आपको बता दें कि मंगलवार को सतना जिले में बीएससी नर्सिंग और रेलवे परीक्षा का आज आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए ज्यादातर युवा युवती सतना जा रहे थे। बस सीधी से 6,30 पर निकली थी जिसके चलते परीक्षा में शामिल होने वाले ज्यादातर अभ्यार्थी इसी बस में सवार थे जो मौत के गाल में समा गए। या यूं कहे की आधा सैकड़ा बेरोजगारों के सपने प्रशासन की लापरवाही के चलते धरे के धरे रह गए। घटनास्थल पर पहुंचे सीधी जिले के जनप्रतिनिधि। घटना की जानकारी लगते ही सबसे पहले मौके पर सीधी सांसद रीती पाठक पहुंची और बचाव कार्य में लगे टीम और अधिकारियों से चर्चा की जिसके बाद चुरहट विधायक शारदेन्दू तिवारी ,पूर्व विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अजय सिंह पहुचे और पूरे रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे। घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री द्वय हृदय विदारक घटना की जानकारी प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई, त्योहार के जश्न में डूबने का समय था लेकिन जश्न की जगह मातम छा गया, प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने घटना की जानकारी लगते ही पल पल का अपडेट लेते रहें और अपने मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों को घटनास्थल पर भेजा घटनास्थल पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट और अमरपाटन से विधायक और शिवराज मंत्रिमंडल में पंचायत ग्रामीण मंत्री रामखेलावन पटेल ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया और रामपुर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही रीवा कमिश्नर राकेश जैन और पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा को बचाव कार्य और घटना के संबंध में दिशा निर्देश देते हुए जांच का निर्देश दिया। मजिस्ट्रियल जांच का आदेश घटना के बाद स्थानीय लोगों का भी आक्रोश देखने को मिला स्थानीय लोगों ने रीवा अमरकंटक मार्ग के चुहिया पहाड़ में खराब रोड और लगने वाले जाम को लेकर आक्रोश व्यक्त किया, इस दौरान घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट ने घटना की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच का निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का निर्देश दिया, साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
एक दर्जन यात्रियों की जान बचाने में युवकों ने निभाई भूमिका बताया जाता है कि घटना के बाद नहर के किनारे बसे लोनिया परिवार के एक दर्जन युवक और युवतियों ने पानी में छलांग लगाकर वह रहे लोगों की जान बचाई ,जान बचाने वालों में लक्ष्य लोनिया, रामनिवास लोनिया, रामपाल , सुरेंद्र लोनिया, धर्मपाल विमलेश , संदीप के साथ एक युवती थी जो बाहर निकाल ले गए यात्रियों को बाहर निकाला और पेट से पानी निकल कर होस में लाया इसके बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव कार्य में लगे उक्त युवक युवतियों से मिलकर मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रशंसा की, इतना ही नहीं बचाव दल में शामिल युवती के संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर प्रशंसा किया है घटना के बाद चालक और उसका सहयोगी हुआ फरार प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो दुर्घटना के बाद चालक पानी में बस के जाने से पहले ही कूद गया , जिसका एक हाथ फैक्चर हो गया है, जब तक स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तब तक वह वहां से भाग निकला, जिसे स्थानीय लोगों ने भागते देखा लेकिन बचाव को प्रथमिकता देते हुए उसे जाने दिया ।
गोविंदगढ़ बस हादसे की याद हुई ताजा आपको बता दें कि 19 अक्टूबर 2006 को चतुर्वेदी ट्रैवल्स गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के गोविंदगढ़ तालाब में धनतेरस को भेजी थी जिसमें 62 यात्रियों की मौत हुई थी वह घटना भी खराब सड़क के चलते घटित हुई थी घटना के बाद प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की बात कही लेकिन समय के साथ-साथ घटना को भुला दिया गया और उक्त घटना स्थल से महज 5 किलोमीटर जरूर एक बार फिर हृदय विदारक घटना घटित हुई और लगभग आधा सैकड़ा लोगों की जानें चली गई इन की हुई मौत विमला द्विवेदी पति राम शरण द्विवेदी निवासी रामपुर नैकिन उम्र 50 वर्ष, प्रिया तिवारी पिता राजेंद्र तिवारी निवासी बारौ रामपुर नैकिन उम्र 20 वर्ष, निवेश तिवारी पिता बुद्धसेन तिवारी निवासी बारौ रामपुर नैकिन उम्र 38 वर्ष ,जगमोहन साकेत पिता बिंदर साकेत निवासी चंदनिया चुरहट उम्र 30 वर्ष ,श्यामलाल साकेत पिता अयोध्या साकेत निवासी रामनगर थाना चुरहट उम्र 40 वर्ष, हीरालाल शर्मा पिता श्याम लाल शर्मा निवासी सीधी उम्र 60 वर्ष, लक्ष्मी पनिका पिता रामायण पनिका उम्र 22 वर्ष, निवासी कुसमहर रामपुर नैकिन, अमर ज्योति पिता सीताराम साकेत उम्र 22 वर्ष निवासी कुकड़ीझर सीधी ,राजेंद्र द्विवेदी पिता बैजनाथ द्विवेदी निवासी किटहा छिबौरा जिला सतना, रामसुख साकेत पिता जेठू साकेत उम्र 50 वर्ष कुकड़ेश्वर जिला सीधी, सुसीला प्रजापति पिता पुष्पराज उम्र 27 वर्ष बहरी सीधी। अथर्व गुप्ता पिता अनिल गुप्ता उम्र 2 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 7 रामपुर नैकिन, पिंकी गुप्ता पति अनिल गुप्ता निवासी वार्ड क्रमांक 7 रामपुर नैकिन उम्र 35 वर्ष, रीना तिवारी पिता विजय तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सपहा कुचवाही ,सुमित्रा कोल पिता शिवनाथ कोल उम्र 35 वर्ष दिलवा सजवानी सिहावल ,जगदीश प्रसाद गुप्ता पिता रामनाथ गुप्ता उम्र 65 वर्ष निवासी गुलरिया देवसर सिंगरौली, अशोक कुमार तिवारी पिता अभिलाष तिवारी उम्र 48 वर्ष निवासी बेलहा बहरी सीधी, अनिल तिवारी पिता पारसनाथ निवासी चोरगढ़ी रामपुर नैकिन, कल्याण सिंह पिता प्रभु नाथ यादव उम्र 22 वर्ष निवासी कोठार खुर्द गोपद बनास ,कविता यादव पति जितेंद्र यादव निवासी गोपद बनास उम्र 25 वर्ष, अनिल पटेल पिता अयोध्या पटेल उम्र 24 वर्ष सरिया खुर्द सीधी, तपस्या पनिका पति अजय पनिका उम्र 26 वर्ष निवासी देवरी अभिमान कुसमी, अवधेश प्रजापति पिता राम मणि उम्र 35 वर्ष निवासी नाउन कला हनुमना जिला रीवा, राजकुमार पिता सुखलाल प्रजापति निवासी सरकटी चितरंगी सिंगरौली, यशोदा विश्वकर्मा पति दादू लाल विश्वकर्मा निवासी गेरुआ सिहावल ,कोमल सिंह पिता नवल सिंह निवासी 25 वर्ष निवासी सराई सिंगरौली ,अनिल पटेल पिता नारायण पटेल निवासी देवसर सिंगरौली उम्र 23 वर्ष, राघवेंद्र तिवारी पिता रामसुफल निवासी सबका बिलहटा बहरी उम्र 20 वर्ष, राजपति सिंह पिता छोटेलाल सिंह उम्र 20 वर्ष निवासी आमटोल देवसर ,प्रियंका सिंह पिता प्रमोद कुमार सिंह निवासी आमटोल देवसर उम्र 20 वर्ष ,मनमोहन बैगा पिता साधु बेला निवासी गांधीग्राम सीधी ,अयोध्या पाल पिता सुदामा पाल निवासी जमुई सीधी, शुभम पाल पिता तीरथ प्रसाद पाल वार्ड क्रमांक 6 चुरहट सीधी, प्रवीण कुमार यादव पिता लक्ष्मण यादव निवासी जोरी सीधी, दिग्विजय सिंह चंदेल पिता प्रतिपाल सिंह निवासी विन्ध्यनगर, अंकिता तिवारी पिता अशोक तिवारी निवासी बिल्हा बहरी, सुषमा सिंह पति धर्मराज सिंह निवासी पौड़ी परीगणेश्वर बहरी, अजय कुमार पनिका उर्फ राहुल पिता राम प्रसाद निवासी देवरी कुसमी ,राजकली पति विश्वनाथ यादव निवासी कुसमी, विश्वनाथ पिता रामपति यादव निवासी कुसमी, पुखराज प्रजापति पिता इंद्र पती निवासी तड़का बहरी, सोमबाई सिंह पिता गंगा सिंह गौड़ निवासी बांधेवा सिंगरौली बताए जाते हैं । जबकि स्थानीय लोगों के द्वारा बचाए गए लोगों के संबंध में प्रशासन जानकारी जुटा रहा है, बताया जाता है कि घटना के बाद सुरक्षित बचे लोग इतनी दहशत में थे कि परिजनों के साथ अपने अपने घरों को रवाना हो गए हैं, वहीं पुलिस अन्य के संबंध में जानकारी जुटा रही है कि बस में कितने लोग सवार थे। वर्जन बहुत ही दुखद घटना है प्रशासन का पहला काम रेस्क्यू कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाना और मृतकों के शवों को बरामद करना था, मामले की जांच की जाएगी जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही होगी, प्रथम दृष्टया बस अनियंत्रित होकर नहर में गिरी है छुहिया घाटी में जाम लगने के कारण वाहनों का रूट बदला गया था, मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए गए हैं जो भी दोषी होगा कार्यवाही की जाएगी। राकेश जैन कमिश्नर रीवा संभाग वर्जनघटना से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है प्रदेश सरकार मृतकों के परिजनों के साथ खड़ी है हर संभव उनकी मदद की जाएगी जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी तुलसी सिलावट मंत्री मध्य प्रदेश शासन | | |