प्रदेश के साथ रीवा जिले में भी गणवेश घोटाला उजागर 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं बटे छात्रों को गणवेश 75% राशि का हुआ भुगतान

Share with:


विराट24न्यूज़ रीवा

शासकीय स्कूल में अध्यनरत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चो को अब तक गणवेश का वितरण नहीं किया जा सका है जबकि शिक्षण सत्र के छः माह गुजर चुके है | शासन प्रशासन की अनदेखी और जिम्मेदार ग्रामीण आजीविका मिशन की लापरवाही के कारण शासन के दिशा निर्देशों का पालन नहीं हो सका है | रीवा जिले सहित प्रदेश के 32 जिलों में गणवेश का वितरण नहीं हो सका है जबकि अपर प्रमुख सचिव द्वारा जिला कलेक्टर ,मुख्यकार्यपालन अधिकारी और जिला परियोजना प्रबंधन , जिला मिशन प्रबंधन इकाई , मध्य प्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को पत्र लिखकर आदेश जारी किया था की 31 दिसम्बर 2018 तक गणवेश वितरण करवा कर जानकारी भेजे |

– सरकार द्वारा शासकीय विधालयो में कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाओं में अध्यनरत विधार्थीयो के लिए प्रतिवर्ष चार सौ के मान से प्रत्येक छात्र को गणवेश की राशि माह जुलाई में ही प्रदान कर दी जाती थी जिससे छात्र अपने लिए गणवेश बाजार से खरीद लेते थे और गणवेश में स्कूल पहुंचते थे लेकिन इस सत्र में सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया की गणवेश बना कर दिया जाए जिसका पालन आज तक नहीं हो सका और छात्र बिना गणवेश के विधालय आ रहे है तो कुछ पुराने और फ़टे गणवेश में विधालय पहुंच रहे है | राज्य शिक्षा केंद्र मध्य प्रदेश द्वारा आदेश जारी कर गणवेश निर्माण की जिम्मेदारी आजीविका मिशन को दी थी गणवेश की राशि 600 सौ रूपये प्रति छात्र के मान से आजीविका मिशन को जारी की गई साथ ही 15 अगस्त तक गणवेश वितरण की समय सीमा तय की गई थी लेकिन आज तक गणवेश वितरण नहीं हो सका | प्रत्येक छात्र को दो गणवेश देने थे लेकिन एक भी नहीं मिल सका है जबकि गणवेश का वितरण सत्र चालू होते ही जुलाई माह तक मिल जाना चाहिए अब शिक्षण सत्र समाप्त हो रहा है और गणवेश का वितरण नहीं हो सका |

बाइट – मुद्रिका प्रशाद तिवारी – हेडमास्टर देउरा माध्यमिक विधालय
बाइट – पुष्पा त्रिपाठी – प्रभारी प्राचार्य कन्या नगर निगम

इस पूरे मामले में जब जिला परियोजना समन्वयक केपी तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया की उनके द्वारा डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रबंधक से बात की गई तो उन्होंने बताया की ७०% गणवेश बन गए है जो दो से तीन दिन में वितरित कर दिए जाएंगे इसके लिए उनके द्वारा आज ही जिला पंचायत सीईओ के हस्ताक्षर से पत्र भी जारी करवाया गया है उन्होंने बतया चुनाव पूर्ण होने तक गणवेश वितरण में रोक लगी हुई थी आजीविका मिशन को 9 करोड़ 88 लाख का भुगतान किया जा चुका है शेष राशि गणवेश वितरण के बात दिया जाएगा | वही जब जिला सीईओ व प्रभारी कलेक्टर मयंक अग्रवाल से गणवेश के सम्बन्ध में चर्चा की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया लेकिन आफ रिकार्ड उन्होंने मामले की जाँच सहित गणवेश शीघ्र वितरित करवाने की बात कही |

बाइट – – केपी तिवारी – जिला समन्वयक
बाइट – मयंक अग्रवाल – सीईओ जिला पंचायत व प्रभारी कलेक्टर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *