धर्मान्तरण करा रहा तथा कथित पादरी हिरासत में सैकड़ो अनुयाइयों ने घेरा थाना

Share with:


विराट 24 न्यूज़ रीवा

आज देश में एकता और समरसता की बात की जा रही है वहीं कुछ ऐसी ताकतें भी काम कर रही हैं जो देश में ही जाति और धर्म के नाम पर एक दूसरे को बांटने में लगी हुई है ताजा मामला मनगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत सामने आया जहां पर 2 सैकड़ा लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ने के लिए पूजा पाठ कराया जा रहा था और यहां तक की इन लोगों ने ईसाई धर्म का पालन करना भी शुरू कर दिया है सूचना मिलने पर बजरंग दल के साथ कुछ अन्य सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने तथाकथित पादरी को हिरासत में लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है।
मनगवां थाना अंतर्गत नदहा मोड़ के पास एक निजी स्कूल में कई माह से इंद्रपाल चौधरी नाम के तथाकथित पादरी के द्वारा रीवा जिले के विभिन्न तहसीलों से लगभग 2 सैकड़ा हरिजन आदिवासी लोगों को एकत्र कर ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार किया जा रहा था इन लोगों को यह कहकर प्रेयर कराई जा रही थी कि ईसाई धर्म का पालन करने से किसी प्रकार की बीमारी नहीं होती बड़ी से बड़ी मुसीबत दूर हो जाती है।

-मोहनलाल कुम्हार नाम के व्यक्ति ने बताया कि इंद्रपाल चौधरी और उसकी पत्नी लंबे समय से पैसे का लालच देकर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रही थी पैसे के लालच और किसी प्रकार की बीमारी ना होने के लालच के चलते कई लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है

सूचना पर जब हमारी टीम वहां पहुंची तो लोगों ने बताया कि हम अपनी जाति वही लिखते हैं जो पहले से है लेकिन हिंदू रीति रिवाज और देवी देवताओं को नहीं मानते क्योंकि हमें ईसाई धर्म के पालन करने से शांति मिलती है हम लोगों को हिंदू धर्म में सम्मान नहीं मिलता जिसके चलते अपनी स्वेच्छा से हम जाति हिन्दू धर्म वाली लिखते हैं लेकिन पूजा-पाठ ईसाई धर्म का करते हैं हम किसी भी देवी देवता के सामने सर नहीं झुकाना चाहते और हमारी आस्था ईसाई धर्म से है हम अपनी स्वेच्छा से हर रविवार को प्रेयर करने यहां आते हैं ।
जबकि बजरंग दल और अन्य हिंदू सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर इसाई धर्म का पालन करते हैं तो देश की सरकारी सुविधाओं का उपयोग क्यों करते हैं जो एससी एसटी और पिछड़ा वर्ग के लोगों को दी जा रही है। लोगों ने बताया कि लंबे समय से पैसे का लालच देकर इस व्यक्ति के द्वारा धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है ।

जब हमने ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे पादरी इंद्रपाल चौधरी से बात की तो उसने बताया कि उसे ट्रस्ट द्वारा ₹5000 मासिक खर्च दिया जाता है उसकी आस्था ईसाई धर्म पर है जबकि कि वह साकेत जाती का है जिन लोगों की आस्था ईसाई धर्म से है वह यहां आकर प्रेयर करते हैं और लाभ उठाते हैं

– वही पूरे मामले को लेकर मनगवां थाना प्रभारी बंदना त्रिपाठी ने बताया कि लोगों की शिकायत पर पादरी को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है किसी प्रकार का विवाद ना हो इस का प्रयास किया जा रहा है पूछताछ में जो मामला सामने आएगा उसके हिसाब से कार्यवाही की जाएगी आपको बता दें कि राधा को हिरासत में लेने के बाद उसके अनुयाई सैकड़ों की संख्या में थाने के सामने आकर बैठे हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *