1800000 रुपए कीमत का 1 क्विंटल 10 किलो गांजा के साथ तीन चार व्हीलर गाड़ियां पांच आरोपी गिरफ्तार

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विराट 24 न्यूज़ रीवा

पुलिस ने अभियान चला कर नशे का कारोबार करने वाले लोगो को सलाखों के पीछे भेज रही है | पिछले सात माह में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए लाखो का गांजा जब्त किया और साथ ही लगभग आधा सैकड़ा गांजा तस्करो को जेल भेजने का काम किया | पुलिस ने आज फिर एक खुलासा करते हुए पांच गांजा तस्करो सहित एक कुंटल दस किलो गांजा जब्त किया है |

एसपी ने पकडे गए गांजा के सम्बन्ध में खुलासा करते हुए बताया की मुखविर से सूचना प्राप्त हुई थी की एक एस एक्स 4 मारूती सुजकी कार में 70 किलो मादक पदार्थ (गांजा) गुढ़ तरफ से रीवा आ रहा है जिसकी डिलेवरी परशुराम शुक्ला को करनी है जो संजय नगर के पास राजाजी मैरिज गार्डन के पास सफारी गाड़ी में लेने वाला है | पुलिस ने वाहनों को जब्त करते हुए कार से 70 किलो और सफारी से 40 किलो गांजा बरमाद किया साथ ही पांच लोगो को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की | पुलिस द्वारा यह लगातार दुसरी कार्यवाही थी एक दिन पहले भी पुलिस ने पचास किलो गांजा के साथ पांच आरोपियों को पकड़ा था |

– रीवा संभाग के आईजी उमेश जोगा ने मादक पदार्थो में की कार्यवाहियों का पिछले तीन वर्षो का आंकड़ा प्रस्तुत किया है | उन्होंने बताया की 2016 में पूरे संभाग में मादक पदार्थ के 42 प्रकरण दर्ज हुए थे जिनमे 180 किलोग्राम गांजा तथा 2 कार , एक तीन पहिया ऑटो , एवं 6 दो पहिया वाहन जब्त हुई | 2017 में 54 प्रकरण दर्ज हुए जिसमे 1470 किलोग्राम गांजा और 150 नग अफीम के पेड़ जब्त किये गए साथ ही 9 मोटर साइकल , 2 कार एवं 7672 नकदी जब्त की गई | इसी तरह 2018 में अब तक 119 प्रकरण दर्ज हुए है जिनमे 5882 किलो ग्राम गांजा अफीम के 276091 पेड़ जब्त हुए साथ ही 18.5 ग्राम हिरोईन जब्त हुई | तस्करो के कब्जे से 4 कार , 1 पिकअप , 2 ऑटो , 1 ट्रक , 8 मोटर साइकल और 1081190 रूपये जब्त किये गए | कुल मिलकर पिछले तीन वर्षो में 215 प्रकरण दर्ज हुए जिनमे 7533.397 किलो ग्राम गांजा जब्त किया गया और छोटे बड़े वाहन मिलाकर 37 वाहन जब्त हुए और 10,88,862 नगद राशि जब्त हुई |

आईजी ने बताया की गांजा तस्करी में पकडे गए अपरधियों से पूछतांछ में ये बात सामने आई की उनके द्वारा छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से गांजा की खेप लेकर आते है | गांजा तस्करी में माल के परिवहन में इनके वाहनों के आगे पायलेटिंग वाहन भी लगाया जाता है ताकि पुलिस चेकिंग के दौरान तस्करो को पकड़ा न जा सके | अपराधियों ने बताया की उड़ीसा के गांजा तस्करो से गांजा खरीदने के लिए उनके बैंक एकाउंट में पूर्व से पैसा जमा करना पड़ता है | और उड़ीसा के तस्करो दवरा छत्तीसगढ़ में गांजा उपलब्ध कराया जाता है | गांजा का उत्पादन छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के बार्डर के घने जंगलो में खेती की जाती है जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र है |

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