विद्यालय संचालक मासूमों की जान के साथ कर रहे खिलवाड़ आरटीओ विभाग की जांच महज खानापूर्ति हो रही साबित

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विराट 24 न्यूज़

रीवा -बसों के संचालनों में स्कूल संचालको द्वारा बड़ी

                                                  
लापरवाही बरती जा रही है | जितनी बड़ी स्कूल उतना ज्यादा फीस जबकि सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं |  इंदौर में डीपीएस स्कूल बस हादसे के बाद जागा  परिवहन विभाग स्कूलों में पहुंच व सड़को पर बसों की जांच शुरू कर दी है | स्कूल बसों में जाँच के दौरान सात बसों पर 84 सौ रूपये की चलानी कार्यवाही भी की गई तो कुछ बसों को जल्द व्यवस्था बना लेने की हिदायत दी गई | जबकि हमारी टीम ने हकीकत जानने की कोशिश की तो कुछ और ही सच्चाई सामने आई परिवहन विभाग की टीम द्वारा दो दिनों से स्कूल , कालेज बसों की चेकिंग की जा रही है ऐसी बसे जिनमे आपातकालीन दरवाजा , खिड़की में जाली , स्पीड गर्वरन , फिटनेस सहित अन्य सुरक्षा मापदंडो की कमी पाई गई उन पर तुरंत ही चलानी कार्यवाही की गई | टीम द्वारा ८४०० रूपये की चलानी कार्यवाही करते हुए स्कूल संचालको को जल्द मापदंड पूरा करने के निर्देश भी दिए गए | विभाग ने गुरुकुल स्कूल , महराजा पब्लिक स्कूल , पेंटियम पॉइंट टेक्निकल कालेज सहित कई स्कूलों की बसों को चेक किया चोरहटा के पास संचालित महराजा पब्लिक स्कूल में पहुंचकर आरटीओ द्वारा कार्यवाही की गई है इस दौरान एक दर्जन बसों में ना तो आपातकालीन दरवाजे मिले और ना ही फास्ट ट्रैक बॉक्स 15 सीटर सिंगल टायर की बसों में  30 से 40 सीट तक लगाकर बच्चों को बैठाए जाने की बात सामने आई वहीं कई स्कूल बसों में दोनों सीटों के बीच स्टूल लगाकर बच्चों को ढोता देखा गया । कार्यवाही कर रहे सहायक परिवहन उप निरीक्षक श्रीमान सिंह ने बताया की गुरुकुल स्कूल की बसों की भी चेकिंग की गई थी जिनमे कोइ भी कमी नहीं मिली जबकि हमें सड़क पर ही गुरुकुल की तीन बसे मिली जिनमे आपातकालीन दरवाजे पर सीट लगी मिली साथ ही एक बस को बस स्टाफ द्वारा धक्का मार कर चालू किया गया | इस बात से बस के फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है साथ ही आरटीओ विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही भी मात्र खानापूर्ती  साबित होता है | स्कूल बसों के चालकों ने बताया कि बसों की चाबियां दे दी जाती है जब भी कोई दस्तावेज नहीं दिए जाते शिकायत करने के बाद भी प्रबंधन बसों में सुधार  नहीं करवा रहा, जबकि छात्रों ने बताया कि बस अक्सर खराब हो जाती हैं इन्हें धक्का मारकर स्टार्ट किया जाता है। आपको बता दें कि आरटीओ उड़नदस्ता द्वारा जांच के दौरान जिन बसों  को क्लीन चिट दे दी गई थी उनमें से महाराजा पब्लिक स्कूल की 3 वर्षों का फिटनेस नहीं था जबकि  श्रवण कुमारी विद्यालय की बस का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है ,वही गुरुकुल स्कूल की बसों में कोई दस्तावेज नहीं मिले जिससे स्पष्ट हो जाता है कि स्कूल संचालक आरटीओ विभाग  से सांठगांठ कर मासूम बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

                         

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