जमीनी विवाद को लेकर बड़े भाई ने किया छोटे भाई पर प्राणघातक हमला

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विराट24 न्यूज़

जमीनी विवाद को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई पर किया हमला

जागरण-रीवा। जमीनी विवाद को लेकर कोर्ट में चल रहे मामले की पेशी को लेकर दो भाइयों के बीच हो रही कहासुनी अचानक मारपीट तक पहुच गई। देखते ही देखते बड़े भाई ने टांगी से छोटे भाई के सिर में हमला कर दिया ।हमले से युवक जमीन में गिर गया, चीख-पुकार सुनकर पत्नी और अन्य लोग पहुंचे तब तक बड़ा भाई मौके से फरार हो गया। परिजन 108 एंबुलेंस को सूचना देकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया है जहां उपचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार छेदीलाल साकेत पिता अदने साकेत उम्र 35 वर्ष निवासी भोलगढ़ थाना चौरहटा का अपने सौतेले भाई पुरुषोत्तम साकेत से जमीनी विवाद चल रहा है। कोर्ट में चल रहे मामले की 15 जनवरी को पेशी है। इसी पेशी को लेकर दोनों के बीच बातचीत हो रही थी
। बातचीत बढ़ते बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई और बड़े भाई ने छोटे भाई पर टंकी से हमला कर दिया।
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कंपलेक्स निर्माण के लिए खोदे जा रहे बेसमेंट से पड़ोसी का भवन हुआ क्षतिग्रस्त।
मौके पर पहुंची पुलिस काम रुकवाया
सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज।

विराट24 न्यूज़-रीवा। पुराने भवन को गिरा कर कांप्लेक्स का निर्माण कर रहे व्यक्ति के द्वारा 210 मशीन से की जा रही पत्थरों की तोड़ाई के चलते पड़ोसी का दो मंजिला भवन क्षतिग्रस्त हो गया। भवन में आई दरारों के चलते मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंची पुलिस विवाद की स्थिति को देखते हुए काम को रुकवा दिया है।
जानकारी के अनुसार नितिन बजाज कोठी रोड स्थित राजेन्द्र श्रीवास्तव का भवन लेकर कांप्लेक्स का निर्माण कराना करा रहा है ।कंपलेक्स निर्माण के लिए बेसमेंट मनाया जा रहा है। जहां जमीन में पत्थर होने के चलते ठेकेदार इकबाल के द्वारा 2 टेन चैन मशीन से पत्थरों की तुड़ाई करवा रहा था । बड़ी चट्टानों को मशीन से तोड़ते समय पड़ोस के गुप्ता के घर की छत और फर्श में दरारें आ गई। जिसके चलते पीड़ित ने मशीन के उपयोग पर रोक लगाने को कहा तो ठेकेदार और भूमि स्वामी ने अपराधी किस्म के मित्रों को एकत्र कर धमकी देने लगा। पीड़ित मामले की शिकायत हंड्रेड पुलिस से की तो मौके पर पहुंची पुलिस काम को रुकवा दिया है। वहीं पीड़ित सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और अपनी हुई क्षतिपूर्ति की मांग की है। विदित हो कि 1 सप्ताह पहले इसी जर्जर भवन को गिराने में 2 श्रमिक दीवाल के नीचे दब गए थे, और कांप्लेक्स का निर्माण कर रहे ठेकेदार इक़बाल पर सुरक्षा के इंतजाम न करने का आरोप लगाया था।

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अपहरण के आरोपी ने लॉकअप में आत्महत्या करने का किया प्रयास।
सिविल लाइन पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर।
आरोपी के गले में बघा धागा लॉकअप में डालने से पहले नहीं खुलवाया। उसी धागे से किया आत्महत्या का प्रयास।

विराट24 न्यूज़-रीवा। सिविल लाइन थाने में उस समय तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। जब लॉकअप में बंद 363 के आरोपी ने गले में पहने धागे से अपना गला घोटने का प्रयास किया और अचेत हो गया। जानकारी लगते ही आनन-फानन में मौजूद सिपाहियों ने थाना प्रभारी को सूचना दी और तड़प रहे आरोपी को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत देखते हुए घायल आरोपी को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। जहां हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार मोले रावत पिता छोटे रावत उम्र 40 वर्ष निवासी सुकुमारी थाना जमोड़ी जिला सीधी रविवार की सुबह सिविल लाइन थाना के लॉकअप में दम घोट कर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। जिसे गंभीर हालत में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि 6 वर्षीय मासूम सुतांक्षा पिता श्री लाल कोल निवासी जुड़मनिया थाना चोरहटा का सोमवारी बाजार से अपहरण कर लिया था ।पुलिस के द्वारा बच्चे के संबंध में सूचना देने वाले को 5000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के द्वारा कठिन मेहनत के बाद समान थाना क्षेत्र से किराए के कमरे से अपहृत मासूम को बरामद किया था। अपहृत करने वाले आरोपी मोले रावत पिता छोटे रावत निवासी शुकवारी थाना जमोडी जिला सीधी ,ममता रावत पत्नी मोले रावत उम्र 30 वर्ष निवासी सुकवारी थाना जमोडी जिला सीधी एवं मानवती रावत पत्नी गलोरी रावत उम्र 45 वर्ष निवासी शुकवारी थाना। जमोडी को हिरासत में लिया था ।पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ करने वाली थी ।दोनों महिला आरोपी कल महिला थाने में रखा गया था जबकि आरोपी मोले को सिविल लाइन थाना के लॉकअप में रखा गया था। जहां पर आरोपी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है।
पुलिस ठंड लगने की कह रही बात

सिविल लाइन पुलिस मामले को दबाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन मामला ही ऐसा था कि कुछ देर में ही साफ हो गया कि लॉकअप में बंद आरोपी ने गले में पहने ताबीज के धागे से अपना गला घोटने का प्रयास किया था। हालांकि पुलिस ठंड लगने की बात कहकर मामाला दबाना चाह रही थी लेकिन चिकित्सकों ने गले में पड़े निशान के आधार पर समझ लिया था कि घायल गला घोटने से अचेत हुआ है। जिसके चलते पुलिस को बताना पड़ा की आरोपी गला घोटने का प्रयास किया गया है।

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