आरटीओ के खिलाफ दर्ज हो सकता है आपराधिक मामला

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आरटीओ के खिलाफ दर्ज हो सकता है आपराधिक मामला
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया मामले को संज्ञान में
गुढ सड़क हादसे में बस संचालक के द्वारा एक परमिट पर दो बसों के संचालन का मामला।

-रीवा। गुढ सड़क हादसे के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जहां बस संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। वहीं अब आरटीओ रीवा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। सड़क हादसे में जिस बस की टक्कर ट्रक से हुई थी। वह बस दूसरी बस की परमिट में चल रही थी और मोटर मालिक के द्वारा आरटीओ में पहली बस को मेंटेनेंस कराने के नाम पर सरेंडर दिखाया गया था। जबकि पुलिस की जांच में दोनों गाड़ियां चलती पाई गई है।वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जितना दोषी बस संचालक को माना है । उतना ही दोषी आरटीओ रीवा को माना जा रहा है। क्योंकि 3 माह के लिए वाहन स्वामी के द्वारा एक गाड़ी को सरेंडर दिखाकर जहा राजस्व की चोरी की जा रही थी वही लगातार सड़क में चला कर कमाई भी की जा रही थी। बस मालिक द्वारा इस तरह से चार सौ बीसी जो की जा रही थी यह जांच करना आरटीओ विभाग का काम था। इसलिए आरटीओ की मिलीभगत से ही वाहन स्वामी एक परमिट पर 2 गाड़ियों का संचालन कर रहा था और गुढ थाना क्षेत्र बाईपास में बस खड़े ट्रक से टकरा गई थी। जिसमें 9 यात्रियों की जाने चली गई जबकि अभी भी कई जीवन और मौत के बीच में संघर्ष कर रहे है।

यह था मामला

5 दिसंबर कि सुबह जबलपुर से सीधी बाया रीवा जाने वाली प्रधान ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 17 पी0 851 गुढ बाईपास में सड़क के किनारे खड़े ट्रक क्रमांक up81 सिटी 2257 से टकरा गई थी। इस सड़क हादसे में जहां मौके पर 9 लोगों की मौत हो गई थी वहीं 32 यात्री घायल हो गए थे ।सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक शोक संवेदना व्यक्त की थी वही आरटीओ के द्वारा बस चालक का लाइसेंस और बस की परमिट निरस्त कर दी गई थी। पुलिस की जांच में बस संचालक को दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। बस संचालक पर आरोप है कि पूर्व से संचालित बस क्रमांक एमपी 17 पी 2651 को मरम्मत कार्य करवाना दिखाकर दुर्घटनाग्रस्त होने वाली बस एमपी 17 पी0 851 को उक्त मार्ग में चलाने की अनुमति मांगी गई थी। जबकि जांच में पाया गया कि दोनों बसें इसी मार्ग पर चल रही थी ।दोनों बसों का चलना और एक बस का सरेंडर दिखाना माना जा रहा है कि बिना आरटीओ की मिलीभगत से संभव नहीं है। जिसके चलते माना जा रहा है कि आरटीओ मनीष त्रिपाठी के खिलाफ भी कार्यवाही हो सकती है।

टैक्स चोरी करने के लिए बस संचालक अपनाते हैं तरीका।

सूत्रों की माने तो कई बस संचालक एक परमिट पर दो बसें संचालित करते हैं। यह पूरा खेल आरटीओ विभाग की मिलीभगत से चलता है ।बस संचालकों के द्वारा पहले एक बस का परमिट लिया जाता है ।और कुछ समय संचालित करने के बाद उसे सरेंडर दिखाकर दूसरी बस का परमिट मांगा जाता है ।और जैसे ही दूसरी बस की अनुमति मिलती है और उसके नाम से कागज मिल जाते हैं तो दोनों बसों के पास परमिट के दस्तावेज उपलब्ध हो जाते हैं ,और फिर दोनों बसें आरटीओ की सांठगांठ और अन्य बस संचालकों के साथ मैनेज कर राजस्व की चोरी की जाती है। उसी का परिणाम है कि एक परमिट में 2 बसें चलाई जा रही थी और सवारियों के भरने के साथ समय मेंटेन करने के चक्कर में चालक खड़े ट्रक से बस को टकरा दिया और 9 यात्रियों की जान चली गई।

वर्जन
जांच अभी पूरी नहीं हुई है और ना ही बंद हुई है जांच खुली हुई है ,जांच की जा रही है ।बस संचालक के द्वारा एक बस को सरेंडर दिखाकर दोनों बसें चलाई जा रही थी ,बस संचालक के खिलाफ कार्यवाही की गई है।अगर आरटीओ को दोषी पाया जाएगा तो आरटीओ के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

चंचल शेखर
पुलिस महानिरीक्षक

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