चोरी और तस्करी की कमाई से इरशाद ने कमाई करोड़ों की संपत्ति

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विराट24 न्यूज़ रीवा

अपराधी इरशाद ने अवैध करोबार से जुटाई अकूत संपत्ति, महानगरों में खरीद रखे है मकान
– कार्यवाही के दौरान पुलिस ने जप्त की जमीन संबंधी रजिस्ट्रियां
रीवा। पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल कुख्यात अपराधी इरशाद अली ने अवैध कारोबार से अकूत संपत्ति जुटा रखी है। आरोपी रीवा, सतना सहित प्रदेश के महानगरों में भी आलीशान मकान खरीद रखे है। यह सारी संपत्ति अपराधी इरशाद ने अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद अवैध कारोबार से जुटाई है। बुधवार की रात आरोपी के अमहिया स्थित निवास पर हुई कार्यवाही के दौरान पुलिस ने अवैध नशीली सीरप, अवैध हथियार के साथ-साथ जमीन संबंधी रजिस्ट्रियां व अन्य दस्तावेज भी जप्त किये है। बताया जा रहा है कि अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बनने की ललक में आरोपी अवैध कारोबार के साथ-साथ जमीनों की खरीद फरीख्त का काम भी करता है। आरोपी अधिकतर उन जमीनों की खरीदी बिक्री करता है जो विवादित होती है या फिर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बिक्री करता है। सूत्रों की मांने तो इरशाद ने इन्दौर, जबलपुर व सतना सहित रीवा में कई मकान खरीद रखे है। हाल ही में आरोपी ने इन्दौर में स्थित मकान को रीवा के ही एक शातिर बदमाश को 26 लाख रूपए में बेंचा है। इसके अलावा इरशाद ने रीवा शहर सहित जिले में कई प्लाट खरीद रखे है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने आरोपी के अमहिया स्थित घर में दबिश देते हुये उसकी कमर तोड़ दी है। उक्त कार्यवाही के बाद से माना जा रहा है कि पुलिस आरोपी के द्वारा जुटाई गई संपत्ति को लेकर भी कोई ना कोई एक्सन ले सकती है।

– चोर से क्यो बना तस्कर..?
चुटपुट चोरी की वारदातों को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला शातिर अपराधी इरशाद अली चोर से तस्कर क्यो बना इसके पीछे एक बड़ी वजह है। बताया जाता है कि इरशाद के ऊपर 70 चोरियों का इल्जाम है, उक्त चोरी की वारदातें आरोपी ने रीवा सहित सीधी, सतना, शहडोल, कटनी सहित विभिन्न जिलों में की है। वर्ष 2016 में इरशाद के पकड़े जाने के बाद आधा सैकड़ा से अधिक चोरी की वारदातों का खुलाशा हुआ था। चोरी के मामलों में पकड़े जाने के बाद से इरशाद ने चोरी की घटनाओं से सन्यास ले लिया और जेल से रिहाई के बाद उसने अवैध मादक पदार्थो की तस्करी में हाथ आजमाया। बताया जाता है कि शराब व नशीली कफ सिरप के कारोबार में ज्यादा इनकम होने के कारण इरशाद ने तस्करी शुरू की। नशे की सिरप में दोगुना फायदा, मेहनत कम इनकम ज्यादा, जल्दी जमानत मिलना सहित इत्यादि कारण है। उक्त सारे फायदों को देखते हुये इरशाद ने तस्करी का कारोबार शुरू कर दिया और वह देखते ही देखते तस्करों का सरगना बन बैठा।

– 10 से 18 साल तक के लड़कों का बना रखा है गिरोह
तस्करी के कारोबार को संचालित करने के लिये इरशाद ने अमहिया के ही 10 से 18 वर्ष तक के लड़कों को गिरोह में शामिल करके रखा है जिनके माध्यम से गली चौराहों में नशे की खेप पहुंचवाता है। कहने को तो उसने इस उम्र के बच्चों को रोजगार मुहैया कराके रखा है लेकिन उसका यह रोजगार बच्चों को अपराध की दुनियां में ढकेल रहा है। बताया जाता है कि इस कारोबार में इरशाद अकेला नहीं बल्कि उसका एक भाई सोभी भी है जो इरशाद की गैर मौजूदगी में कारोबार की बागडोर सम्भालता है। इरशाद के भाई सोभी पर भी कई मामले में दर्ज है। हाल ही में साधी जिले के चुरहटा में पकड़ी गई शराब की खेप मामले में सोभी वाटेंड है जिसकी तलाश पुलिस को है।

– इरशाद को नहीं है पुलिस का भय
शातिर अपराधी इरशाद को पुलिस का जरा सा भी भय नहीं है। बुधवार की रात हुई कार्यवाही के बाद आगबबूला हुआ इरशाद गुरूवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर अमहिया के ही एक युवक के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी इरशाद को शक था कि संबंधित युवक ने पुलिस से मुखबिरी की है और इसी शंका पर उसने युवक के साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया है। उक्त घटना से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे पुलिस का कितना खौफ है।

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